2 अक्टूबर 2026, 3:32 PM
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जिस लड़की पर मरता था, उसी ने मार डाला:सिद्धार्थनगर में मां बोली- बहू आई तो लगा खुशियां लाएगी, क्या पता था वही कातिल बनेगी

सिद्धार्थनगर में सोशल मीडिया पर हुई पहचान के बाद 11वीं का स्टूडेंट 12वीं क्लास की लड़की को दिल दे बैठा। थोड़े ही दिनों में दोनों एक-दूसरे के दीवाने हो गए। परिवारवालों ने दोनों की शादी करा दी। शादी के करीब तीन महीने बाद ही पत्नी ने गला घोंटकर पति को मार डाला। 30 सितंबर को कोर्ट ने पत्नी को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपए का

जिस लड़की पर मरता था, उसी ने मार डाला:सिद्धार्थनगर में मां बोली- बहू आई तो लगा खुशियां लाएगी, क्या पता था वही कातिल बनेगी
स्रोत: dainik bhasker category
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सिद्धार्थनगर में सोशल मीडिया पर हुई पहचान के बाद 11वीं का स्टूडेंट 12वीं क्लास की लड़की को दिल दे बैठा। थोड़े ही दिनों में दोनों एक-दूसरे के दीवाने हो गए। परिवारवालों ने दोनों की शादी करा दी। शादी के करीब तीन महीने बाद ही पत्नी ने गला घोंटकर पति को मार डाला। 30 सितंबर को कोर्ट ने पत्नी को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। अदालत के इस फैसले से कानून का इंसाफ तो हो गया, लेकिन गांव के उस सूने आंगन में अब भी अमित की हंसी की गूंज और उसकी मां की सिसकियां बाकी हैं। मां कहती हैं- बहू आई तो लगा था, खुशियां लाएगी, क्या पता था वही हमारे इकलौते बेटे की कातिल बनेगी। मामला सिद्धार्थनगर जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर चिल्हिया इलाके का है। एक-दूसरे पर मर मिटने वाले पति-पत्नी के बीच दूरियां क्यों बढ़ने लगी थीं? दोनों के बीच अक्सर झगड़ा क्यों होने लगा था? आखिर ऐसा क्या हुआ कि 12वीं में पढ़ने वाली लड़की ने अपने ही पति को मौत के घाट उतार दिया? ऐसे सवालों का जवाब जानने के लिए दैनिक भास्कर उस लड़के अमित चौधरी के घर (संतोरी गांव) पहुंचा, जिसकी हत्या हुई थी। उसके परिवार ने जो बताया, वह चौंकाने वाला था… अब पढ़िए सिलसिलेवार यह रिपोर्ट… तस्वीरों से शुरू हुआ सफर, आंसुओं में बदला दिसंबर, 2023 की एक सर्द शाम। इंस्टाग्राम की रंगीन दुनिया में 11वीं के छात्र अमित चौधरी (22) और 12वीं की छात्रा ज्योति (21) की नजरें मिलीं। अमित चिल्हिया इलाके के संतोरी गांव रहने वाला था। ज्योति शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के बुढ़नईया पकड़ी गांव की रहने वाली है। दोनों के बीच बातों का सिलसिला शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे मोहब्बत में बदल गया। दोनों एक-दूसरे के बिना रहने को तैयार नहीं थे। 12 मार्च, 2024 को दोनों अपना-अपना घर छोड़कर साथ चले गए। धूमधाम से गांव में रिसेप्शन किया गया लड़का-लड़की घर छोड़कर चले गए, तो परिवार वाले परेशान हो गए। सबने बैठकर बात की। दोनों एक ही जाति के थे। बच्चों की जिद के आगे मां-बाप का गुस्सा पिघल गया। 19 मार्च, 2024 को धूमधाम से कोर्ट मैरिज हुई। अमित के घर में खुशियों का माहौल था। बहुभोज (रिसेप्शन) हुआ, पूरे गांव को दावत दी गई। मां विंध्यवासिनी को लगा कि बेटे को मनपसंद हमसफर मिल गई है, अब उसका जीवन संवर जाएगा। एक ऐसी रात, जिसने खुशियां छीन ली शादी को अभी 6 महीने ही बीते थे। वो 2 अक्टूबर, 2024 की रात थी। खाना खाने के बाद अमित और ज्योति अपने कमरे में सोने गए। अमित को अंदाजा भी नहीं था कि जिस छत के नीचे वह चैन की नींद सोने जा रहा है, अब वह कभी उठ नहीं पाएगा। रात करीब 11:30 बजे ज्योति ने दुपट्टे से अमित के दोनों हाथ कसकर बांध दिए। अमित संभल पाता, इससे पहले ही उसके स्कूल की पुरानी टाई उसके गले में कस दी। तड़पते हुए अमित की सांसें थम गईं। फोन कर पुलिस से कहा- मैंने मार दिया है उसे अमित की हत्या करने के बाद ज्योति ने खुद 112 नंबर डायल किया। पुलिस से बेझिझक कहा- मैंने अपने पति की हत्या कर दी है, मैं कमरे में ही हूं। जब चिल्हिया थाने की पुलिस और पीआरवी जवान विपिन कुमार मौके पर पहुंचे, तो कमरे की कुंडी अंदर से बंद थी। ज्योति ने खुद दरवाजा खोला। सामने बिस्तर पर अमित का बेजान शरीर पड़ा था और गले पर कसने के गहरे निशान थे। जिस टाई को पहनकर अमित कभी स्कूल जाया करता था, वही उसकी मौत का फंदा बन चुकी थी। पिता बोले- हमारे लिए तो सब खत्म हो गया अमित अपने पिता संतोष चौधरी और मां विंध्यवासिनी का इकलौता बेटा था। तीन बहनों के बीच वह घर का सबसे दुलारा था। मां आज भी उस कमरे को देखकर बिलख पड़ती हैं, जहां उनके कलेजे का टुकड़ा हमेशा के लिए सो गया। इंस्टाग्राम से प्यार, इंस्टाग्राम ही बनी रंजिश की वजह? पूछताछ में कई बातें सामने आईं। ज्योति का आरोप था कि अमित उससे पैसे मांगता था। जबकि परिवार का कहना था कि अमित उसे शादी के बाद इंस्टाग्राम चलाने से मना करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था। जिस सोशल मीडिया ने दोनों को मिलाया था, वही उनके रिश्ते और अमित की जिंदगी के खात्मे का सबब बन गया। 50 सुनवाई, 24 गवाह और उम्रकैद 3 अक्टूबर, 2024 को जेल जाने के बाद करीब 2 साल तक सिद्धार्थनगर के जिला एवं सत्र न्यायालय में यह मामला चला। सरकारी वकील राजेश कुमार त्रिपाठी और अधिवक्ता (प्राइवेट) विजय कुमार शुक्ला ने अमित (मृतक) की ओर से पक्ष को मजबूती से रखा। डॉक्टर, पुलिस और परिवार वालों समेत कुल 24 गवाहों की सूची तैयार हुई। इनमें से 9 की अहम गवाही हुई। 30 सितंबर को जज अजय कुमार श्रीवास्तव ने फैसला सुनाया। सबूतों और गवाहों के आधार पर ज्योति चौधरी को हत्या का दोषी माना। अब जानिए परिवार वालों ने अदालत में क्या गवाही दी… पिता ने कहा- पुलिस घर आकर बोली कि आपकी बहू ने बेटे को मार दिया अमित (मृतक) के पिता संतोष चौधरी ने कोर्ट में कहा- 3 अक्टूबर, 2024 को हमारी मां का ब्रह्मभोज था। इसकी तैयारी के सिलसिले में रिश्तेदार घर आए थे। 2 और 3 अक्टूबर की दरमियानी रात रिश्तेदार बरामदे में सोए थे। मैं और मेरी पत्नी विंध्यवासिनी नीचे वाले कमरे में सो रहे थे। ऊपर के बरामदे में मेरी तीन बेटियां (अनुराधा, अस्मिता, आराधना) और रिश्तेदार के छोटे बच्चे सो रहे थे। अमित और उसकी पत्नी ज्योति ऊपर कमरे में सोए थे। रात करीब 12 बजे यूपी-112 की पुलिस आई और मेरा नाम लेकर आवाज दी। बाहर निकलने पर पुलिस ने पूछा- अमित चौधरी आपका बेटा है? मैंने कहा- हां। तब पुलिसकर्मियों ने जो कहा, उससे मेरे पैर तले जमीन खिसक गई। पुलिस ने बताया कि आपकी बहू ज्योति ने आपके बेटे अमित की हत्या कर दी है। हम पुलिस के साथ ऊपर पहुंचे। आवाज सुनकर बेटियां भी जाग गईं। ज्योति ने अंदर से कमरे का दरवाजा खोला और बाहर निकलकर सीधे पुलिस के पास चली गई। जब हमने कमरे में जाकर देखा, तो अमित के मुंह से खून निकल रहा था। उसके दोनों हाथ दुपट्टे से बंधे थे और स्कूल की पुरानी टाई से उसका गला कसा हुआ था। मां बोली- मेरा कलेजे का टुकड़ा बेजान पड़ा था अमित की मां विंध्यवासिनी ने कोर्ट में कहा था- घर में सास के ब्रह्मभोज का कार्यक्रम होने के कारण काफी चहल-पहल थी। रात में हम पति-पत्नी नीचे सो रहे थे और बेटा-बहू ऊपर कमरे में थे। रात 12 बजे जब पुलिस की आवाज आई, तो मेरे पति बाहर गए। उनके पीछे-पीछे मैं भी ऊपर वाले फ्लोर पर गई। ऊपर का नजारा देखकर सबकी चीख निकल गई। बहन ने कहा- सामने भाई का बेजान शरीर था अमित की बहन अनुराधा की गवाही मामले में सबसे पहली और महत्वपूर्ण रही। अनुराधा ने बताया- रात करीब 12 बजे पुलिस के आने की आवाज और शोर सुनकर मेरी नींद खुली। देखा कि पापा और मम्मी पुलिसकर्मियों के साथ ऊपर आ रहे हैं। जब हमने कमरे के अंदर झांका, तो भाई अमित का बेजान शरीर पड़ा था। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… पूर्व IAS दिव्या मित्तल कहां से चुनाव लड़ेंगी, मिर्जापुर से ताल ठोकेंगी या राजा भैया के साथ जाएंगी पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल राजनीति में कदम रखेंगी। राजा भैया के साथ वायरल तस्वीर और मिर्जापुर में अनुप्रिया पटेल से पुराने विवाद ने सियासी गलियारों में अटकलें तेज कर दी हैं। सपा-कांग्रेस की ओर से उन्हें पार्टी में शामिल होने का ऑफर भी मिल चुका है। इसके बावजूद वो किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होना चाहतीं। इसके बाद लोगों के जेहन में 3 बड़े सवाल हैं। पढ़िए पूरी खबर…
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