31 अक्टूबर 2026, 10:36 PM
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ट्रिपल मर्डर के पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे डीजीपी:मृतक की पत्नी बोलीं- गोली मारने वाले को फांसी, फरार चाचा-बहन का एनकाउंटर हो

लखनऊ में चबूतरे के लिए हुए ट्रिपल मर्डर वाली जगह पर शुक्रवार को डीजीपी राजीव कृष्ण पहुंचे हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। डीजीपी के पहुंचते ही बारिश होने लगी। वह बारिश के दौरान परिवार से मिले। मृतक शिवाजी की पत्नी उषा तिवारी ने उनसे कहा कि आरोपी ऋषभ शुक्ला को फांसी दी जाए और फरार चाचा और बहन का एनकाउंटर किया जाए। इस पर

ट्रिपल मर्डर के पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे डीजीपी:मृतक की पत्नी बोलीं- गोली मारने वाले को फांसी, फरार चाचा-बहन का एनकाउंटर हो
स्रोत: dainik bhasker category
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लखनऊ में चबूतरे के लिए हुए ट्रिपल मर्डर वाली जगह पर शुक्रवार को डीजीपी राजीव कृष्ण पहुंचे हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। डीजीपी के पहुंचते ही बारिश होने लगी। वह बारिश के दौरान परिवार से मिले। मृतक शिवाजी की पत्नी उषा तिवारी ने उनसे कहा कि आरोपी ऋषभ शुक्ला को फांसी दी जाए और फरार चाचा और बहन का एनकाउंटर किया जाए। इस पर डीजीपी ने उन्हें कार्रवाई और न्याय का आश्वासन दिया। पीड़ित परिवार के लोगों को सांत्वना देकर डीजीपी ने खुद घटनास्थल का मुआयना किया। वहीं, हत्यारोपी ऋषभ शुक्ला के घर के जमीन की सही पैमाइश करने के लिए LDA की टीम भी पहुंची। टीम ETS मशीन लगाकर घर और जमीन की पैमाइश कर रही है। मालूम हो कि पीड़ित परिवार ने आरोपी के घर पर बुलडोजर की कार्रवाई करने की मांग की थी। LDA ने बाउंड्री वाल का हिस्सा सड़क में होने पर बुलडोजर से उसे गिरा दिया था। इस दौरान परिवार ने आरोप लगाया कि आरोपी की बाउंड्री ही नहीं, बल्कि घर भी नजूल की जमीन पर बना है। इसके बाद LDA के अधिकारी मौके पर कार्रवाई करने में जुटे हैं। 2 तस्वीरें देखिए- आरोपी के चाचा और बहन फरार, 25-25 हजार का इनाम ट्रिपल मर्डर करने वाले ऋषभ शुक्ला का चाचा राजेश शुक्ला पहले से अपराधी है। पुलिस ने उसे गुंडा घोषित जिला-बदर किया था। हत्या के पीड़ित परिवार का आरोप है कि चाचा ही शातिर आरोपी है। इसी की सह पर ऋषभ ने 3 हत्याएं की हैं। उधर, पुलिस ने ऋषभ के चाचा राजेश शुक्ला और उसकी बहन दिव्या पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया। घटना के बाद से दोनों फरार हैं। लखनऊ पुलिस ने 7 महीने पहले 16 मार्च 2026 को राजेश शुक्ला के खिलाफ कार्रवाई की थी। तत्कालीन पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर ने आरोपी राजेश शुक्ला को 'गुंडा' घोषित करते हुए कमिश्नरेट लखनऊ की सीमाओं से 3 महीने के लिए जिलाबदर का आदेश दिया था। आरोपी के खिलाफ महिलाओं का पीछा, अभद्र टिप्पणी करने, मारपीट और धमकी देने जैसे मामले दर्ज हैं। सुयश के मामा बोले- मेरे भांजे, बहनोई समझ नहीं पाए मृतक शिवाजी तिवारी के साले यानी मृतक सुयश के मामा नीरज शुक्ला ने बताया कि डीजीपी ने बच्चों को सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है, क्योंकि परिवार में कोई भी पुरुष नहीं बचा है। आरोपी अपराधी प्रवृत्ति के लोग हैं। मामूली कहासुनी में उन लोगों ने हत्या कर दी। पहले कोई पुरानी किसी तरह की कोई धमकी नहीं थी। हमारे बहनोई, भांजे और उनके भाई सीधे, सज्जन और सरल स्वभाव के लोग थे। आरोपियों के मन में इतना गलत पाप था, ये लोग समझ नहीं पाए। मामूली विवाद था, चबूतरा निर्माण को लेकर, जो नगर निगम करा रहा था। व्यक्तिगत शिवाजी तिवारी के ऊपर आरोप लगाया गया, जबकि उसे पार्षद करा रहे थे। इनसे उसका कोई लेना-देना नहीं था। घर में कोई चिराग जलाने वाला नहीं बचा नीरज ने बताया- इनके ऊपर उन्होंने धोखा देकर हमला किया और पूरे परिवार को खत्म कर दिया। आज घर में कोई चिराग जलाने वाला नहीं है। डीजीपी राजीव कृष्ण से यही मांग की गई है कि इनको कठोर से कठोर सजा दी जाए। सुरक्षा के लिए कहा गया है कि जो बच्चे हैं, जो महिलाएं हैं, उनकी सुरक्षा का बंदोबस्त किया जाए।जो दो आरोपी बाहर हैं, उनकी गिरफ्तारी का वादा डीजीपी ने किया है। भागे हुए आरोपी दुर्दांत हैं, गिरफ्तारी जरूरी ये जो चबूतरा पार्षद की ओर से बनवाया जा रहा था, इसमें हमारे बहनोई साहब का कोई हाथ नहीं है। यह जन कल्याण के लिए, सामाजिक कार्य के लिए है क्योंकि यहां पूजन होता है। मगर व्यक्तिगत दुश्मनी और ईर्ष्यावश उन लोगों ने इतना बड़ा कांड कर दिया। पड़ोसी होने के चलते वाद-विवाद था लेकिन इतना विश्वास नहीं था कि गोली मार देंगे। भागे हुए आरोपियों की गिरफ्तारी जरूरी है क्योंकि वे दुर्दांत लोग हैं। उनमें से एक जिलाबदर भी रह चुका है। हम लोग पुलिस की अभी तक की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। पढ़िए क्या था मामला? सआदतगंज के ब्राह्मण टोला में सोमवार सुबह कार पार्किंग और चबूतरे को लेकर ऋषभ शुक्ला (30) ने 3 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक शिवाजी तिवारी (62) सचिवालय के रिटायर्ड कर्मचारी थे। RSS के जिला सर कार्यवाह भी रहे थे। शिवाजी के भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभु लखनऊ यूनिवर्सिटी में काम करते थे। शिवाजी का बेटा सुयश (30) का बिजली के सामान का कारोबार था। 5 दिसंबर को उसकी शादी होनी थी। आरोपी ऋषभ मर्चेंट नेवी में नेविगेशन अफसर था। ------------------------------ तब तक यह खबर पढ़िए- लखनऊ में ट्रिपल मर्डर करने वाले के चाचा-बहन पर इनाम:चाचा को पुलिस ने गुंडा घोषित किया था, महिलाओं का पीछा करता था लखनऊ में चबूतरे के विवाद में ट्रिपल मर्डर करने वाले ऋषभ शुक्ला का चाचा राजेश शुक्ला पहले से अपराधी है। पुलिस ने उसे गुंडा घोषित जिला-बदर किया था। हत्या के पीड़ित परिवार का आरोप है कि चाचा ही शातिर आरोपी है। इसी की सह पर ऋषभ ने 3 हत्याएं की हैं। उधर, पुलिस ने ऋषभ के चाचा राजेश शुक्ला और उसकी बहन दिव्या पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया। घटना के बाद से दोनों फरार हैं। (पूरी खबर पढ़िए)
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