10 अक्टूबर 2026, 4:03 PM
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ड्रग्स सिंडिकेट पर ED का एक्शन, सलीम डोला के नेटवर्क से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुंबई जोनल ऑफिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रवीण उर्फ नागेश रामचंद्र शिंदे और बृजेश कांजीभाई मोराडिया के रूप में हुई है. दोनों की गिरफ्तारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (P

ड्रग्स सिंडिकेट पर ED का एक्शन, सलीम डोला के नेटवर्क से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार
स्रोत: abp news world
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुंबई जोनल ऑफिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रवीण उर्फ नागेश रामचंद्र शिंदे और बृजेश कांजीभाई मोराडिया के रूप में हुई है. दोनों की गिरफ्तारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 की धारा 19 के तहत की गई है.

यह जांच सलीम इस्माइल डोला और उसके सहयोगियों की तरफ से संचालित अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क से जुड़ी है. ईडी ने मुंबई में विभिन्न जांच एजेंसियों की तरफ से सलीम डोला और अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज कई FIR के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी.

ईडी की जांच में क्या हुआ खुलासा?

जांच में खुलासा हुआ कि यह सिंडिकेट ड्रग्स बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले केमिकल की खरीद, गुप्त ठिकानों पर मेफेड्रोन (MD) ड्रग्स का निर्माण, अलग-अलग राज्यों में इसकी सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तस्करी में शामिल था. इसके अलावा, ड्रग्स की अवैध बिक्री से मिलने वाले पैसों को हवाला के जरिए इधर-उधर करने और उनसे चल-अचल संपत्तियां खरीदने का भी आरोप है. 

MD ड्रग्स बनाने और उससे मिले पैसों से संपत्ति खरीदने का आरोप

ईडी की जांच के मुताबिक, प्रवीण उर्फ नागेश रामचंद्र शिंदे कथित तौर पर अवैध रूप से MD ड्रग्स बनाने में शामिल था. उस पर ड्रग्स की बिक्री से मिलने वाले पैसों को इकट्ठा करने, रखने, इस्तेमाल करने और एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में भूमिका निभाने का आरोप है. जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध कमाई से अचल संपत्तियां और दूसरी संपत्तियां खरीदी गईं, जिन्हें उसके करीबी लोगों के नाम पर रखा गया था.

केमिकल की खरीद के लिए पैसों की लेयरिंग का आरोप

दूसरे आरोपी बृजेश मोराडिया पर MD ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्रीकर्सर केमिकल की खरीद और सप्लाई का इंतजाम करने का आरोप है. ED के मुताबिक, सलीम डोला से अंगड़िया चैनल के जरिए मिलने वाली नकदी को कई तीसरे पक्षों, परिवार के सदस्यों के बैंक खातों और संबंधित कंपनियों के जरिए जमा कराया गया. इसके बाद रकम बैंकिंग चैनल के माध्यम से विभिन्न केमिकल कंपनियों और संस्थाओं तक पहुंचाई गई, ताकि ड्रग्स बनाने के लिए जरूरी केमिकल खरीदा जा सके.

जांच एजेंसी के अनुसार, इन लेन-देन से जुड़ी रकम बृजेश मोराडिया और उससे जुड़े परिवार के खातों में केमिकल की बिक्री पर मिलने वाले कमीशन के रूप में भी पहुंची. इसके बाद इस रकम को अलग-अलग खातों के जरिए ट्रांसफर कर इस्तेमाल किया गया.

पहले 21 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी

ED ने इस मामले में 2 और 3 जून, 2026 को मुंबई, सूरत, अंकलेश्वर और राजकोट में कुल 21 ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस कार्रवाई में ड्रग्स बनाने के लिए केमिकल सप्लाई करने वालों, केमिकल कारोबारियों, MD ड्रग्स के निर्माताओं और वितरकों, हवाला ऑपरेटरों और कथित बेनामी संपत्तियों से जुड़े लोगों को निशाना बनाया गया था.

छापेमारी के दौरान करीब 1.33 करोड़ रुपये की नकदी, विदेशी मुद्रा, सोने की छड़ें और बैंक खातों में मौजूद रकम जब्त या फ्रीज की गई थी. इसके अलावा, 2200 अमेरिकी डॉलर भी जब्त किए गए थे. जांच के दौरान भारत और दुबई में स्थित करोड़ों रुपये की अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज भी बरामद हुए थे.

ED के मुताबिक, ये दस्तावेज ड्रग्स तस्करी से हुई कथित अवैध कमाई को संपत्तियों में निवेश किए जाने की ओर इशारा करते हैं. ईडी अब इस पूरे नेटवर्क में ड्रग्स से होने वाली कमाई, हवाला के जरिए पैसों की आवाजाही और कथित बेनामी संपत्तियों से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है.

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यह खबर abp news world से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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