तेल पाइपलाइन की जमीन पर अवैध कब्जा:इंडियन ऑयल ने 25 दुकानों पर चस्पा किए नोटिस, 15 दिन में खुद हटा लें अतिक्रमण
प्रयागराज में करेली के 60 फीट रोड पर ऑयल पाइपलाइन के लिए आरक्षित जमीन पर अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के पाइपलाइन डिवीजन ईआरपीएल (ईस्टर्न रीजन पाइपलाइन) की ओर से ऐसे निर्माण करने वाले लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में 15 दिन के भीतर अतिक्रमण और निर्माण हटाने का निर्देश दिया गया है। जिन ल

प्रयागराज में करेली के 60 फीट रोड पर ऑयल पाइपलाइन के लिए आरक्षित जमीन पर अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के पाइपलाइन डिवीजन ईआरपीएल (ईस्टर्न रीजन पाइपलाइन) की ओर से ऐसे निर्माण करने वाले लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में 15 दिन के भीतर अतिक्रमण और निर्माण हटाने का निर्देश दिया गया है। जिन लोगों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें से कुछ माफिया अतीक अहमद गैंग के सदस्य भी बताए जा रहे हैं। आरोप है कि दबंगई के बल पर उन्होंने तेल पाइपलाइन के लिए आरक्षित भूमि पर टिन शेड व अन्य निर्माण कर लिए। ईआरपीएल की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि पेट्रोलियम पाइपलाइन के लिए अधिग्रहित भूमि पर कुछ लोगों ने लोहे की रोड/दुकान समेत अन्य संरचनाएं बनाकर अतिक्रमण कर लिया है। संबंधित भूमि पर केंद्र सरकार की ओर से पेट्रोलियम एवं खनिज पाइपलाइन अधिनियम, 1962 के तहत उपयोग का अधिकार अर्जित किया गया है। पाइपलाइन की जमीन पर निर्माण प्रतिबंधित नोटिस में अधिनियम का हवाला देते हुए कहा गया है कि पाइपलाइन के लिए अधिग्रहित भूमि पर भवन या किसी तरह की संरचना का निर्माण नहीं किया जा सकता। इसके अलावा खनन, तालाब, कुआं, पानी की टंकी या बांध बनाने और वृक्षारोपण जैसे कार्यों पर भी प्रतिबंध है। ईआरपीएल अधिकारियों के मुताबिक, पाइपलाइन के लिए आरक्षित जमीन पर निर्माण करना केवल नियमों का उल्लंघन ही नहीं है, बल्कि इससे सुरक्षा संबंधी गंभीर खतरा भी पैदा हो सकता है। अधिकारियों का कहना है कि पाइपलाइन के आसपास अनधिकृत निर्माण होने से किसी दुर्घटना की स्थिति में लोगों की जान को खतरा हो सकता है। 15 दिन में हटाना होगा अतिक्रमण नोटिस में संबंधित लोगों को 15 दिन के भीतर अवैध निर्माण और अन्य संरचनाएं हटाने को कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर पेट्रोलियम एवं खनिज पाइपलाइन अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत अतिक्रमण हटाने की आगे की कार्रवाई की जाएगी। नोटिस में यह भी कहा गया है कि अधिनियम का उल्लंघन दंडनीय है। इसमें छह महीने तक के कारावास, जुर्माने या दोनों का प्रावधान बताया गया है। कई लोगों के निर्माण जांच के दायरे में करेली के 60 फीट रोड क्षेत्र में पाइपलाइन के लिए आरक्षित भूमि पर कई लोगों द्वारा निर्माण किए जाने की शिकायत सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। ईआरपीएल की ओर से जारी नोटिसों के बाद अब संबंधित लोगों के निर्माण हटाए जाने की कार्रवाई पर नजर है। पाइपलाइन डिवीजन का कहना है कि पाइपलाइन की सुरक्षा और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा को देखते हुए आरक्षित भूमि को अतिक्रमण मुक्त रखना जरूरी है।
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