30 अक्टूबर 2026, 6:03 PM
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दरबार लगाने वाले 'काली सरकार' पर रेप की FIR:झांसी में 12 साल के बच्चे को किडनैप कर गंदा काम करने का आरोप

झांसी में ‘काली सरकार’ के नाम से दरबार लगाने वाले प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज पर 12 साल के बच्चे के अपहरण और कुकर्म का केस दर्ज हुआ है। आरोप है कि वह बच्चे को परिजनों को बिना बताए हरिद्वार, दिल्ली और लखनऊ ले गया और उसका यौन शोषण किया। 22 अक्टूबर को झांसी लौटने पर उसने बच्चे को घर जाने से पहले डराया और किसी को बताने पर जान से मारने की

दरबार लगाने वाले 'काली सरकार' पर रेप की FIR:झांसी में 12 साल के बच्चे को किडनैप कर गंदा काम करने का आरोप
स्रोत: dainik bhasker category
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झांसी में ‘काली सरकार’ के नाम से दरबार लगाने वाले प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज पर 12 साल के बच्चे के अपहरण और कुकर्म का केस दर्ज हुआ है। आरोप है कि वह बच्चे को परिजनों को बिना बताए हरिद्वार, दिल्ली और लखनऊ ले गया और उसका यौन शोषण किया। 22 अक्टूबर को झांसी लौटने पर उसने बच्चे को घर जाने से पहले डराया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। घर पहुंचकर बच्चे ने पूरी आपबीती दादा को सुनाई। दादा ने थाने में शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद एसएसपी से गुहार लगाई। उनके आदेश पर 29 अक्टूबर की देर रात FIR दर्ज की गई। मामला जिला मुख्यालय से करीब 68 किलोमीटर दूर मऊरानीपुर थाना क्षेत्र का है। आरोपी को इससे पहले 10 अक्टूबर को 30 साल पुराने लूट के मामले में पुलिस ने हिरासत में लिया था। हालांकि, अगले दिन कोर्ट से राहत मिलने पर वह झांसी लौट आया। आरोप है कि वह करीब 22 साल से पहचान छिपाकर रह रहा था। आर्मी जैसी ड्रेस पहनकर दिव्य दरबार लगाता था और बीमारियां ठीक करने का दावा करता था। उधर, एफआईआर के बाद काली बाबा ने वीडियो जारी कर कहा- मैं पक्का बीजेपी वाला हूं। मैं 30 साल से कुछ करने के लायक नहीं हूं। मेरा सबके सामने मेडिकल कराया जाए। 3 तस्वीरें देखिए जानिए पूरा मामला... पीड़ित के दादा ने पुलिस को बताया- मेरा पोता 12 साल का है। वो गांव के काली सरकार मंदिर में हर रोज दर्शन करने के लिए जाता था। मंदिर के पुजारी सत्यानंद शुक्ला है, जिसका असली नाम प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज है। वो दरबार लगाता है। पोते के नियमित मंदिर जाने से बाबा ने संपर्क बढ़ा लिया। पैसे, खाने-पीने और नए कपड़े देने के बहाने वह बच्चे को अपने पास बुलाने गया। कुछ दिन पहले पोता घर नहीं आया। फोन करने पर प्रदीप उर्फ नटरोज ने कहा कि काफी रात हो गई, वह उसे सुबह भेज देगा। सुबह भी उसने नहीं भेजा। पोते को लेकर वह हरिद्वार चला गया। इसके बाद उसे दिल्ली, लखनऊ लेकर गया। यहां उसका यौन शोषण किया। प्रदीप लगातार फोन पर अपनी लोकेशन बताता रहा। करीब 4 दिनों तक पोते के न आने पर मैंने पुलिस में शिकायत कर देने की बात कही तब आरोपी 22 अक्टूबर को पोते को लेकर झांसी आया। उसने किसी को कुछ बताने पर पोते को जान से मार देने की धमकी देकर डराया-घमकाया। घर आने पर पोते रोने लगा। पूछने पर उसने आरोपी की सारी करतूत बताई। अब जानिए 22 साल बाद काली बाबा की कैसे खुली पोल... हिस्ट्रीशीटर काली सरकार बाबा उर्फ प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज लूट और मारपीट के मामलों में आरोपी है। हरदोई से भागने के बाद वह मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के कुरैंचा गांव स्थित काली सरकार मंदिर में रहने लगा था। यहां उसने अपना नाम बदलकर सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार रख लिया था। साथ ही, बाबा बनकर दिव्य दरबार लगाने लगा था। उसके दरबार में सैकड़ों लोग पहुंचते थे। वह लोगों की बीमारियां ठीक करने और दूसरी समस्याओं का समाधान करने का दावा करता था। मऊरानीपुर सीओ रत्नेश्वर सिंह ने बताया था- प्रदीप शुक्ला के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। 1993 में पुलिस ने उसे लूट के एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद 1998 में उसके खिलाफ मारपीट का एक और मामला दर्ज हुआ था। दोनों मामलों में वह कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था। इसके बाद कोर्ट ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी कर दिए थे। हरदोई पुलिस करीब 12 साल से उसकी तलाश कर रही थी। नाम बदलकर मंदिर में रह रहा था कुछ समय पहले पुलिस को बाबा के झांसी में होने के बारे में पता चला। पुलिस ने जांच की, तो उसके ठिकाने का भी पता चल गया। 10 अक्टूबर को हरदोई और मऊरानीपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने मंदिर में दबिश देकर काली सरकार बाबा उर्फ प्रदीप शुक्ला को हिरासत में लिया था। हरदोई पुलिस उसे हरदोई ले गई। जहां उसे कोर्ट से राहत मिल गई थी। इसके बाद वह झांसी लौट आया था। काली सरकार बोला- मेरे ऊपर लगे आरोप झूठे, मैं पक्का भाजपा का आदमी हूं काली सरकार ने भास्कर संवाददाता से बातचीत में अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया। उसने कहा- वह हमेशा न्याय के रास्ते पर चले चला। समाजसेवा करने के उद्देश्य से निशुल्क दरबार दरबार लगाता था और लोगों की समस्याएं दूर करने की कोशिश करता था। मैं पक्का भाजपा का आदमी हूं। लेकिन कुछ भाजपा के लोग उनसे पैसे लेने और देने के लिए कहते थे, लेकिन उसने पैसे लेने और देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसके खिलाफ साजिश रची गई और एक बच्चे के जरिए उस पर कलंक लगाने की कोशिश की गई। उसने ये भी कहा कि वह 30 साल से शारीरिक संबंध बनाने लायक नहीं है। इसके बावजूद उस पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं। वह बीजेपी का समर्थक है, लेकिन कुछ नेताओं ने पैसे के लिए सच्चाई को दबाने की कोशिश की। उसे न्याय व्यवस्था और पुलिस प्रशासन पर पूरा भरोसा है। उसने मांग किया कि उसका मेडिकल आम लोगों के सामने कराया जाए। अगर वह दोषी साबित होते हैं तो उन्हें ऐसी सजा दी जाए, जो आज तक किसी को नहीं मिली हो। उसके पास अपनी बात साबित करने के लिए सबूत है। इंस्टाग्राम पर एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स बाबा ने करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम पर ‘काली सरकार’ के नाम से पेज बनाया था। इस पर उसके एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। वह शुक्रवार, शनिवार और रविवार को दिव्य दरबार लगाता था। स्थानीय लोगों के लिए बुधवार को भी दरबार लगाता था। इन दरबार में वह हर बीमारी ठीक करने और दूसरी समस्याओं का समाधान करने का दावा करता था। नवरात्र की वजह से काली सरकार ने सोशल मीडिया पर सूचना जारी कर 9 दिन तक दरबार बंद रखने के बारे लोगों को बताया ता। हालांकि, नवरात्र के पहले दिन ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… काली सरकार 22 साल से बाबा बनकर छिपा था:झांसी में दिव्य दरबार लगाता, बीमारियां ठीक करने का दावा करता; एक शिकायत से खुली पोल झांसी में ‘काली सरकार बाबा’ के नाम से फेमस प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज 22 साल से छिपकर रह रहा था। एक छोटी सी शिकायत से उसके हिस्ट्रीशीटर होने की पोल खुल गई। उसके खिलाफ कुछ स्थानीय लोगों ने गाली-गलौज कर धमकाने की शिकायत की थी, जो एसएसपी तक पहुंच गई। तब मामले की जांच हुई। उसे मऊरानीपुर थाने बुलाया गया। उससे पूछताछ की गई। उसे लोग सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार के नाम से जानते थे। मगर पुलिस को उसका असली नाम और एड्रेस मिल गया। नाम बदलकर रहने की वजह से पुलिस को शक हो गया। तब हरदोई पुलिस से संपर्क साधा गया। हरदोई पुलिस के रिकॉर्ड में प्रदीप शुक्ला हिस्ट्रीशीटर निकला। ये भी पता चला कि वो 33 साल पुराने लूट के एक मामले में आरोपी है। तब SSP विकास कुमार ने हरदोई के पुलिस अफसरों से बात की। हरदोई पुलिस आरोपी के खिलाफ जारी हुए वारंट लेकर झांसी पहुंची। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। यहां पढ़ें पूरी खबर
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