दुर्गा पूजा को देखते हुए बिहार में गाइडलाइन जारी कर दी गई है. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी प्रीता वर्मा ने संयुक्त रूप से बैठक की. मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को माफ नहीं किया जाएगा. उन्होंने पूरे राज्य में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने का निर्देश दिया.
बैठक के दौरान गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार भी रहे. उन्होंने कहा कि त्योहारों के सीजन की शुरुआत शांतिपूर्ण होगी, तो आगे के सभी त्योहार भी शांति और सुरक्षा के साथ संपन्न होंगे.
इस मौके पर बिहार की डीजीपी प्रीता वर्मा ने प्रमुख संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात करने का निर्देश दिया. यह भी निर्देश दिया कि शांति समितियों की बैठकों में हर उम्र के लोगों को शामिल किया जाए.
सोशल मीडिया पर रखी जाएगी नजर
बड़े पूजा पंडालों का फायर ऑडिट कराने और सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए कहा गया है. तय हुआ कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में रहेगी.
महानिदेशक (अभियान एवं विशेष शाखा) कुंदन कृष्णन ने मूर्ति विसर्जन और विसर्जन जुलूसों की सुरक्षा को लेकर कहा कि सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी जाए. जिला नियंत्रण कक्षों का समय-समय पर औचक निरीक्षण हो.
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एक नजर में जरूरी बातों को पढ़ें
- सभी पूजा पंडालों, मूर्तियों और विसर्जन जुलूसों के लिए लाइसेंस अनिवार्य होगा. संपूर्ण मार्ग की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी होगी.
- हथियारों और उत्तेजक नारों पर रोक
- डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंधित, लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध केवल रात के 10 बजे से सुबह के 6 बजे तक
- अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुगम आवागमन के लिए प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग व्यवस्था
- चिकित्सा दल, एंबुलेंस, क्यूआरटी, एसडीआरएफ, सीसीटीवी कैमरे और वॉच टावर की पर्याप्त व्यवस्था
- रावण वध स्थलों और मूर्ति विसर्जन के चिह्नित घाटों पर गोताखोरों एवं बचाव दल की मुस्तैदी रहेगी.
- सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर नजर
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