प्रयागराज में महिला डॉक्टर से 1.78 करोड़ की ठगी:1 महीने तक डिजिटल अरेस्ट रखा, CBI अफसर बनकर कहा- पार्सल में मिला ड्रग्स
प्रयागराज के जार्जटाउन में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला डॉक्टर को साइबर ठगों ने करीब एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट रखा। पहले कोरियर कंपनी का कर्मचारी बनकर फोन किया, फिर खुद को CBI अधिकारी बताकर कहा कि उनके नाम से आए पार्सल में ड्रग्स मिली है। गिरफ्तारी का डर दिखाकर आरोपियों ने महिला डॉक्टर से अलग-अलग बैं

प्रयागराज के जार्जटाउन में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला डॉक्टर को साइबर ठगों ने करीब एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट रखा। पहले कोरियर कंपनी का कर्मचारी बनकर फोन किया, फिर खुद को CBI अधिकारी बताकर कहा कि उनके नाम से आए पार्सल में ड्रग्स मिली है। गिरफ्तारी का डर दिखाकर आरोपियों ने महिला डॉक्टर से अलग-अलग बैंक खातों में करीब 1.78 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए। इतनी बड़ी रकम लेने के बाद भी ठगों ने और रुपये मांगना बंद नहीं किया। लगातार दबाव से परेशान होकर डॉक्टर साइबर क्राइम थाने पहुंचीं, जहां उनकी शिकायत पर FIR दर्ज की गई है। कोरियर कंपनी के नाम पर आया पहला फोन साइबर पुलिस के मुताबिक, करीब एक महीने पहले महिला डॉक्टर के पास अनजान नंबर से कॉल आई थी। फोन करने वाले ने खुद को कोरियर कंपनी का कर्मचारी बताया और उनके नाम से पार्सल आने की बात कही। कुछ देर बाद दूसरे नंबर से फोन आया। इस बार कॉल करने वाले ने खुद को CBI अधिकारी बताया और पार्सल को लेकर गंभीर मामला होने की बात कही। गिरफ्तारी का डर दिखाकर किसी को बताने से रोका आरोपियों ने महिला डॉक्टर को बताया कि उनके नाम से आए पार्सल में ड्रग्स मिली है। इसके बाद गिरफ्तारी की धमकी देकर उन्हें डराया गया। साथ ही हिदायत दी गई कि वह इस मामले की जानकारी किसी दूसरे व्यक्ति को न दें। ठगों ने जांच का हवाला देकर महिला डॉक्टर पर लगातार दबाव बनाया। उन्हें चेतावनी दी गई कि किसी से संपर्क करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। जांच के बहाने खातों में मंगवाए रुपये साइबर अपराधियों ने कथित जांच के नाम पर महिला डॉक्टर से बैंकिंग और दूसरी जरूरी जानकारियां हासिल कीं। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में रकम भेजने के लिए कहा। आरोप है कि इसी तरह उनसे करीब 1.78 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। एक महीने बाद भी नहीं रुकी ठगी की मांग करीब एक महीने तक आरोपी महिला डॉक्टर के संपर्क में रहे। इस दौरान उन्हें लगातार निर्देश दिए जाते रहे और किसी को घटना के बारे में बताने से रोका गया। बड़ी रकम मिलने के बाद भी ठगों ने और रुपये की मांग जारी रखी। आखिरकार लगातार पैसों की मांग से परेशान होकर महिला डॉक्टर ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच में जुटी पुलिस साइबर थाना निरीक्षक राघवेंद्र सिंह ने बताया कि महिला डॉक्टर की तहरीर पर FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें ठगी की रकम भेजी गई थी। मोबाइल नंबरों, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
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