पीलीभीत में लेखपालों ने किया प्रदर्शन:2800 ग्रेड पे, पदोन्नति सूची जारी करने समेत 8 मांगें; बोले- जल्द समाधान नहीं तो आंदोलन होगा तेज
पीलीभीत के बीसलपुर तहसील परिसर में मंगलवार दोपहर लेखपाल संघ ने लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटे लेखपालों ने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन का ध्यान खींचा। उन्होंने समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने अपनी मांगों से संबंधित पत्रक सौंपा। संघ की प्रमुख मांग प्रारंभिक वेतन

पीलीभीत के बीसलपुर तहसील परिसर में मंगलवार दोपहर लेखपाल संघ ने लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटे लेखपालों ने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन का ध्यान खींचा। उन्होंने समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने अपनी मांगों से संबंधित पत्रक सौंपा। संघ की प्रमुख मांग प्रारंभिक वेतनमान को बढ़ाकर 2800 रुपए ग्रेड पे करने और वेतन संबंधी विसंगतियों को दूर करने की है। इसके साथ ही आपसी ट्रांसफर की सुविधा बहाल करने और मौजूदा भत्तों में बढ़ोतरी की मांग की गई। पदोन्नति सूची और परीक्षा परिणाम जल्द जारी करने की मांग लेखपालों ने करियर और पदोन्नति से जुड़े मुद्दे भी उठाए। संघ ने चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जल्द जारी करने की मांग की है। इसके अलावा चयन वर्ष 2024 में हुई विभागीय परीक्षा के परिणाम और संबंधित प्रमाणपत्र भी जल्द जारी करने की मांग की गई। लेखपालों का कहना है कि इन मामलों के लंबित रहने से कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करने की मांग कार्यस्थल पर अतिरिक्त जिम्मेदारियों को लेकर भी लेखपालों ने नाराजगी जताई। संघ की मांग है कि भूलेख समेत अन्य पटलों पर सहायक के रूप में लगाए गए लेखपालों को उनके मूल कार्य के लिए तत्काल रिलीव किया जाए। ग्राम सचिवालय की सुविधाओं और रोस्टर ड्यूटी का मुद्दा लेखपाल संघ ने ग्राम सचिवालयों में बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही भत्ते में बढ़ोतरी किए बिना लेखपालों की रोस्टर ड्यूटी लगाए जाने का विरोध किया गया। संघ ने लेखपाल के पद को 'तकनीकी पद' घोषित करने की मांग भी रखी है। मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी लेखपाल संघ ने कहा कि शासन-प्रशासन को उनकी लंबित मांगों पर जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए। मांगों का समाधान नहीं होने पर संगठन आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होगा।
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यह खबर Dainik Bhaskar Uttar Pradesh से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
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