बोधगया में बुद्ध मंदिर परिसर में पिंडदान से जन्म-मरण के चक्र से मुक्त होते हैं पितर! जानें सदियों पुरानी यह अद्भुत परंपरा के बारे में
Pitru Paksha 2026 Bodhgaya Mahabodhi Temple: बोधगया में बुद्ध मंदिर परिसर में पिंडदान की सदियों पुरानी परंपरा पितरों को जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति दिलाने वाली मानी जाती है. यह अद्भुत प्रथा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि इसमें गहरा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व भी निहित है. हर साल हजारों श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष

Pitru Paksha 2026 Bodhgaya Mahabodhi Temple: बोधगया में बुद्ध मंदिर परिसर में पिंडदान की सदियों पुरानी परंपरा पितरों को जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति दिलाने वाली मानी जाती है. यह अद्भुत प्रथा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि इसमें गहरा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व भी निहित है. हर साल हजारों श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए यहां पिंडदान करने आते हैं. इस विशेष अनुष्ठान से जुड़ी मान्यताएं और इसका महत्व इसे एक अनूठी परंपरा बनाते हैं.
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