बिहार की बेटी आकांक्षा नेहा 'मिसेज यूनिवर्स 2026' के मंच तक पहुंच गई हैं. वे मूल रूप से सहरसा की रहने वाली हैं. 26 अक्टूबर को कोलंबो में ग्रैंड फिनाले है. कई देशों से प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं. बिहार के एक छोटे से शहर से निकलकर यूनाइटेड किंगडम और पोलैंड तक अपनी पहचान बनाने वाली आकांक्षा नेहा की इस उपलब्धि से परिवार को गर्व है.
आकांक्षा की प्रारंभिक पढ़ाई-लिखाई सहरसा से ही हुई है. सहरसा के सेंट जेवियर से वे पढ़ीं. आगे की पढ़ाई के लिए जमशेदपुर गईं. आज वे कॉरपोरेट जगत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय ब्यूटी पेजेंट्री के मंच पर भी अपनी अलग पहचान बना रही हैं. बीते करीब चार साल से आकांक्षा पोलैंड में रह रही हैं. वे वर्तमान में एक प्रमुख इन्वेस्टमेंट बैंकों में से एक में वाइस प्रेसिडेंट के पद पर काम कर रही हैं. उनका एक बेटा भी है.
प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने यूनाइटेड किंगडम का रुख किया और वहां से एमबीए की पढ़ाई पूरी की. आकांक्षा ने एबीपी न्यूज़ से कहा कि उनका संदेश है कि एक महिला यदि परिवार का निर्माण कर सकती है तो वह समाज और दुनिया के निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.
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…और मिसेज यूनिवर्स तक पहुंची यात्रा
आकांक्षा की पेजेंट्री यात्रा मिसेज पोलैंड इंटरनेशनल से शुरू हुई और अब उनकी यह यात्रा मिसेज यूनिवर्स 2026 तक पहुंच चुकी है. अंतरराष्ट्रीय मंच पर वह मिसेज यूनिवर्स इंडिया और यूरोप 2026 का प्रतिनिधित्व करेंगी. वे भारत और यूरोप के बीच एक सांस्कृतिक सेतु की भूमिका निभाने की आकांक्षा रखती हैं.
सहरसा में ही रहता है आकांक्षा का परिवार
दूसरी ओर आकांक्षा के परिवार की बात करें तो माता-पिता यहीं (सहरसा) रहते हैं. पिता अरविंद कुमार सिंह प्रोफेसर थे. अब वे एक इंजीनियरिंग कॉलेज के डायरेक्टर हैं. वहीं मां गृहिणी हैं. आपको बता दें कि आकांक्षा बीजेपी विधायक नीरज बबलू की भांजी भी लगती हैं. फिलहाल उनकी उपलब्धि से परिवार और गांव के लोगों में खुशी है.
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