मंत्री आशीष पटेल बोले-अखिलेश को AI का जवाब मिलेगा:झांसी में संजय निषाद के बयान पर कहा-उनकी बातों से दर्द पता चलता है
भाजपा की सहयोगी अपना दल (एस) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल बुधवार रात झांसी पहुंचे। सर्किट हाउस में रुकने के बाद वे गुरुवार को ललितपुर में पार्टी की समीक्षा बैठक में शामिल होने के बाद रवाना होंगे। इससे पहले उन्होंने दैनिक भास्कर से बातचीत की। संजय निषाद के बयानों पर उन्होंने कहा कि कभी-कभी उनकी

भाजपा की सहयोगी अपना दल (एस) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल बुधवार रात झांसी पहुंचे। सर्किट हाउस में रुकने के बाद वे गुरुवार को ललितपुर में पार्टी की समीक्षा बैठक में शामिल होने के बाद रवाना होंगे। इससे पहले उन्होंने दैनिक भास्कर से बातचीत की। संजय निषाद के बयानों पर उन्होंने कहा कि कभी-कभी उनकी बातों से लगता है कि उन्हें दर्द है और वे अपने दर्द की दवा ढूंढ रहे हैं। वहीं, ओमप्रकाश राजभर के अलग राज्य और मुख्यमंत्री बनाए जाने के बयान पर आशीष पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश के बेहतर विकास के लिए राज्य का बंटवारा जरूरी है। बुंदेलखंड राज्य के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसमें कानूनी और भौगोलिक पेचीदगियां हैं, सभी चीजें संतुलित होने पर इस पर विचार होगा। पढ़िए मंत्री आशीष पटेल की पूरी बातचीत… सवाल: झांसी दौरा कैसा रहा? पार्टी के लिए क्या फीडबैक मिला? जवाब: आज कई जगह बैठकें की हैं। संगठन को मजबूत करने के लिए पहले कानपुर में बैठक की। इसके बाद घाटमपुर में कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक हुई। अब झांसी में रुक रहा हूं। सुबह ललितपुर जाऊंगा। वहां पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक होगी। इसके बाद फिर झांसी आऊंगा। सवाल: आपने संजय निषाद के 'दर्द' की बात कही थी। आखिर उन्हें किस बात का दर्द है? जवाब: कभी-कभी उनकी बातों से लगता है कि उन्हें दर्द है। मैं तो यही कहूंगा कि उन्हें दर्द है तो वह अपने दर्द की दवा कहीं भी ढूंढ लें। हालांकि यह उनका निजी मामला है, इसलिए मैं इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करूंगा। इतना जरूर कह सकता हूं कि उन्हें दर्द तो है, लेकिन वह किस तरह की दवा ढूंढ रहे हैं, यह मुझे नहीं मालूम। सवाल: ओमप्रकाश राजभर अलग राज्य और मुख्यमंत्री की बात कर रहे हैं। आप इसे कैसे देखते हैं? जवाब: उत्तर प्रदेश बहुत बड़ा राज्य है। यहां लोगों की बेहतरी के लिए राज्य का बंटवारा होना जरूरी है। अब कोई इसमें अपना राजनीतिक एजेंडा रखे तो उस पर मैं कुछ नहीं कहूंगा, लेकिन राज्य का बंटवारा जरूरी है। सवाल: बुंदेलखंड राज्य का वादा पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन सांसद उमा भारती भी कर चुके हैं। अब तक प्रक्रिया आगे क्यों नहीं बढ़ी? जवाब: राज्य निर्माण में बड़ी कानूनी पेचीदगियां होती हैं। इसमें समय लगता है। इसके साथ कई भौगोलिक कारण भी होते हैं। जब सारी चीजें संतुलित होंगी, तब बुंदेलखंड राज्य पर भी विचार होगा। सवाल: यूपी की राजनीति में इन दिनों AI वाली फिल्मों का दौर चल रहा है। अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ की फिल्में बनाई जा रही हैं। इसे कैसे देखते हैं? जवाब: समाजवादी पार्टी पहले भी ट्वीट और री-ट्वीट का खेल खेलती रही है। आप अखिलेश यादव के पुराने ट्वीट उठाकर देखिए, शुरुआत उन्होंने की है। अब शुरुआत हुई है तो उसका जवाब भी मिलेगा। यह डिजिटल और सोशल मीडिया का दौर है। निश्चित तौर पर चुनाव में इसका इस्तेमाल होगा। सवाल: 2027 के चुनाव में अपना दल (एस) का सीटों को लेकर क्या गणित है? जवाब: हम उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर काम कर रहे हैं। जहां अपना दल (एस) का प्रत्याशी होगा, वहां हम चुनाव लड़ेंगे और जहां गठबंधन का प्रत्याशी होगा, वहां उसे चुनाव लड़ाने का काम करेंगे। अपना दल (एस) भाजपा गठबंधन का सबसे पुराना साथी है और निश्चित तौर पर हम साथ में चुनाव लड़ेंगे। सवाल: मऊरानीपुर में आपकी पार्टी की विधायक हैं। वहां संगठन और विधायक के कामकाज की क्या समीक्षा की? जवाब: हमारी पार्टी की विधायक मऊरानीपुर में अच्छा काम कर रही हैं। अभी चुनाव में समय है। जो भी कमियां होंगी, उन्हें दूर किया जाएगा। सवाल: 2027 में किन मुद्दों को लेकर अपना दल (एस) जनता के बीच जाएगा? जवाब: अपना दल (एस) ने हमेशा दलित, शोषित, वंचित और पिछड़ों की लड़ाई लड़ी है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देना चाहता हूं कि हमारी नेता अनुप्रिया पटेल ने दलित, पिछड़े, वंचित और शोषित वर्गों से जुड़े जो मुद्दे उठाए, उन्हें प्रधानमंत्री ने सुना और लागू करने का काम किया। चाहे नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय, सैनिक स्कूल या नीट परीक्षा में आरक्षण की बात हो, इन मुद्दों पर सरकार ने काम किया है। सवाल: इन दिनों सवर्ण समाज के एक वर्ग में नाराजगी की बात सामने आ रही है। क्या इसका असर चुनाव में दिख सकता है? जवाब: भाजपा सबका साथ, सबका विकास की बात करती है और सबका ध्यान रखती है। मुझे नहीं लगता कि कोई रूठा है।
समाचार स्रोत
यह खबर Dainik Bhaskar Uttar Pradesh से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
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