मेरठ में 9 अक्टूबर से जीमखाना मैदान में रामलीला:लेजर शो से दिखेंगे राम-सीता विवाह के दृश्य, 120 फीट के रावण का दहन
मेरठ में इस बार रामलीला का मंचन भव्य तरीके से होगा। जीमखाना मैदान में 9 से 19 अक्टूबर तक रोज शाम 7 बजे से रामलीला होगी। इसके लिए 104 फीट चौड़ा और करीब 54-55 फीट ऊंचा मंच तैयार किया जाएगा। श्री सनातन धर्म रक्षिणी सभा के तत्वावधान में श्री रामलीला कमेटी मेरठ शहर की ओर से आयोजन की तैयारियां की गई हैं। शनिवार को राधा गोविंद मंडप में ह

मेरठ में इस बार रामलीला का मंचन भव्य तरीके से होगा। जीमखाना मैदान में 9 से 19 अक्टूबर तक रोज शाम 7 बजे से रामलीला होगी। इसके लिए 104 फीट चौड़ा और करीब 54-55 फीट ऊंचा मंच तैयार किया जाएगा। श्री सनातन धर्म रक्षिणी सभा के तत्वावधान में श्री रामलीला कमेटी मेरठ शहर की ओर से आयोजन की तैयारियां की गई हैं। शनिवार को राधा गोविंद मंडप में हुई प्रेस वार्ता में कमेटी पदाधिकारियों ने बताया कि 20 अक्टूबर को दिल्ली रोड स्थित रामलीला मैदान में दशहरा मेला लगेगा और 120 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। रामलीला में लेजर शो और विशेष साउंड-लाइट इफेक्ट भी देखने को मिलेंगे। धनुष भंग और राम-सीता विवाह के दृश्य लेजर तकनीक से दिखाए जाएंगे। वहीं, बच्चों के लिए ‘संस्कारशाला’ भी शुरू की जाएगी, जिसमें उन्हें रामायण के पात्रों के रूप में तैयार किया जाएगा। दक्षिण भारतीय शैली में बनेगा मंदिर, यहीं से शुरू होगी लीला कमेटी के मुख्य संयोजक राकेश गर्ग ने बताया कि जीमखाना मैदान में 104 फीट चौड़ा और करीब 54-55 फीट ऊंचा मंच बनाया जाएगा। मंच के पीछे दक्षिण भारतीय शैली का मंदिर तैयार किया जाएगा। इसमें भगवान राम को विराजमान कराया जाएगा। पूजन के बाद रामलीला का मंचन शुरू होगा। रामलीला के लिए रत्नाकर ड्रामेटिक आर्ट प्रोडक्शन, रोहिणी दिल्ली की कलाकार मंडली आएगी। इसका निर्देशन राकेश रत्नाकर और सह-निर्देशन राहुल गुप्ता करेंगे। रामलीला में साउंड और लाइट की व्यवस्था के लिए मुंबई और दिल्ली से इंजीनियर बुलाए गए हैं। जीमखाना मैदान में रोजाना लेजर शो होगा। धनुष भंग के बाद भगवान राम का विशेष दृश्य लेजर इफेक्ट से दिखाया जाएगा। राम-सीता विवाह के दौरान भी लेजर तकनीक से विवाह का दृश्य प्रस्तुत किया जाएगा। 20 अक्टूबर को दिल्ली रोड स्थित रामलीला मैदान में दशहरा मेला होगा। यहां 120 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। कमेटी के अनुसार रावण की आंखों से अंगारे निकलते दिखेंगे। नाभि पर अग्नि प्रभाव के जरिए भगवान राम के तीर लगने का दृश्य दिखाया जाएगा। जीमखाना मैदान में बनाए जाने वाले अन्य पुतलों की ऊंचाई करीब 80 फीट रखी जाएगी। 8 अक्टूबर को निकलेगी महादेव की शोभायात्रा रामलीला से पहले 8 अक्टूबर को भगवान महादेव की शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह बुढ़ाना गेट स्थित सनातन धर्म मंदिर से शुरू होकर सुभाष बाजार, तहसील गुदड़ी बाजार, भजाजा सर्राफा, वैली बाजार, लालागा बाजार और शीशमहल होते हुए वापस पहुंचेगी। इसके मुख्य संयोजक अनिल गोल्टी और दीपक शर्मा होंगे। 12 अक्टूबर को भगवान राम के विवाह के अवसर पर भी शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसका नेतृत्व दीपक राजपूत और लोकेश लोधी करेंगे। कमेटी ने इस बार 3 से 12 साल के बच्चों के लिए ‘संस्कारशाला’ शुरू करने की घोषणा की है। इसमें बच्चों को रामायण के पात्रों के रूप में तैयार किया जाएगा। कमेटी की ओर से बच्चों को ड्रेस और मेकअप भी उपलब्ध कराया जाएगा। राम, सीता, हनुमान, रावण समेत दूसरे पात्रों के सेल्फी प्वाइंट भी बनाए जाएंगे। आयोजकों ने मीडिया से इन बच्चों की तस्वीरों को प्रमुखता से प्रकाशित करने की अपील की है। कलाकारों के लिए अलग भोजन की व्यवस्था कमेटी के अनुसार कलाकारों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। मंच और मेकअप स्थल को गंगाजल से शुद्ध कराया जाएगा। कलाकारों के लिए अलग भोजन की व्यवस्था रहेगी। मंच के आसपास प्याज-लहसुन का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। कमेटी पदाधिकारियों ने शहरवासियों से रामलीला में पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि रामलीला सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि भगवान राम के आदर्श और संस्कार लोगों तक पहुंचाने का जरिया भी है।
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