महोबा अस्पताल में 40 लाख की मशीन से मुफ्त जांचें:थायराइड, विटामिन और कैंसर समेत 100 से ज्यादा टेस्ट अब फ्री होंगे
महोबा जिला अस्पताल के मरीजों को बड़ी राहत मिली है। अस्पताल की आईपीएचएल लैब में 40 लाख रुपये की कोवास ई 411 मशीन लगाई गई है। इससे थायराइड, विटामिन बी, डी, बी-12, प्रोस्टेट कैंसर, आयरन और हार्मोनल टेस्ट अब मुफ्त होंगे। लखनऊ से आए विशेषज्ञ ने लैब तकनीशियनों को ट्रेनिंग दी, जिसके बाद सीएमएस डॉ. सुरेश कुमार के टेस्ट के साथ यह सेवा शुर

महोबा जिला अस्पताल के मरीजों को बड़ी राहत मिली है। अस्पताल की आईपीएचएल लैब में 40 लाख रुपये की कोवास ई 411 मशीन लगाई गई है। इससे थायराइड, विटामिन बी, डी, बी-12, प्रोस्टेट कैंसर, आयरन और हार्मोनल टेस्ट अब मुफ्त होंगे।
लखनऊ से आए विशेषज्ञ ने लैब तकनीशियनों को ट्रेनिंग दी, जिसके बाद सीएमएस डॉ. सुरेश कुमार के टेस्ट के साथ यह सेवा शुरू हुई। इस मशीन के चालू होने से स्थानीय मरीजों को महंगे टेस्ट के लिए निजी पैथोलॉजी या बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। करीब 40 लाख रुपये की लागत वाली यह मशीन 100 से ज्यादा तरह के हार्मोनल, कार्डियक, टॉर्च पैनल और कैंसर मार्कर टेस्ट कम समय में कर सकती है। इस आधुनिक व्यवस्था का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार की मौजूदगी में हुआ। गुणवत्ता और पारदर्शिता जांचने के लिए पहला सैंपल खुद सीएमएस का लिया गया, जिसकी रिपोर्ट सही आई। लखनऊ से आए एप्लिकेशन इंजीनियर आशीष सिंह ने अस्पताल के लैब तकनीशियनों संजय कुमार पाल, हाकिम अब्दुल करीम, सुहेल, अमन और मोहम्मद मकसद को मशीन के हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और सैंपलिंग की ट्रेनिंग दी। इस मशीन की खासियत इसकी तेज गति और सटीकता है। ज्यादातर हार्मोनल टेस्ट के नतीजे 18 मिनट में और विटामिन-डी की रिपोर्ट 27 मिनट में मिल जाती है। लैब तकनीशियन हाकिम अब्दुल करीम के अनुसार, जो जांचें बाहर निजी सेंटरों पर 8 हजार रुपये तक में होती थीं, वे अब जिला अस्पताल में बिल्कुल मुफ्त होंगी। महोबा अस्पताल के लिए यह दोहरी खुशी है, क्योंकि अस्पताल को अब 150 बेड की मान्यता भी मिल गई है। पहले यह अस्पताल 70 बेड की मान्यता पर चल रहा था, जिसे अब बढ़ाकर मानक के अनुसार पैरामेडिकल स्टाफ और दूसरे संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अस्पताल में मुफ्त जांच सुविधा शुरू होने से महोबा और आसपास के ग्रामीण इलाकों के गरीब लोगों को फायदा होगा।
समाचार स्रोत
यह खबर Dainik Bhaskar Uttar Pradesh से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
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