30 अक्टूबर 2026, 9:37 PM
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लखनऊ में ट्रिपल मर्डर करने वाले के चाचा-बहन पर इनाम:चाचा को पुलिस ने गुंडा घोषित किया था, महिलाओं का पीछा करता था

लखनऊ में चबूतरे के विवाद में ट्रिपल मर्डर करने वाले ऋषभ शुक्ला का चाचा राजेश शुक्ला पहले से अपराधी है। पुलिस ने उसे गुंडा घोषित जिला-बदर किया था। हत्या के पीड़ित परिवार का आरोप है कि चाचा ही शातिर आरोपी है। इसी की सह पर ऋषभ ने 3 हत्याएं की हैं। उधर, पुलिस ने ऋषभ के चाचा राजेश शुक्ला और उसकी बहन दिव्या पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घो

लखनऊ में ट्रिपल मर्डर करने वाले के चाचा-बहन पर इनाम:चाचा को पुलिस ने गुंडा घोषित किया था, महिलाओं का पीछा करता था
स्रोत: dainik bhasker category
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लखनऊ में चबूतरे के विवाद में ट्रिपल मर्डर करने वाले ऋषभ शुक्ला का चाचा राजेश शुक्ला पहले से अपराधी है। पुलिस ने उसे गुंडा घोषित जिला-बदर किया था। हत्या के पीड़ित परिवार का आरोप है कि चाचा ही शातिर आरोपी है। इसी की सह पर ऋषभ ने 3 हत्याएं की हैं। उधर, पुलिस ने ऋषभ के चाचा राजेश शुक्ला और उसकी बहन दिव्या पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया। घटना के बाद से दोनों फरार हैं। लखनऊ पुलिस ने 7 महीने पहले 16 मार्च 2026 को राजेश शुक्ला के खिलाफ कार्रवाई की थी। तत्कालीन पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर ने आरोपी राजेश शुक्ला को 'गुंडा' घोषित करते हुए कमिश्नरेट लखनऊ की सीमाओं से 3 महीने के लिए जिलाबदर का आदेश दिया था। आरोपी के खिलाफ महिलाओं का पीछा, अभद्र टिप्पणी करने, मारपीट और धमकी देने जैसे मामले दर्ज हैं। 59 साल उम्र हो चुकी, इलाके में दहशत फैलाता था सआदतगंज के ब्राह्मणी टोला, नौबस्ता निवासी राजेश शुक्ला मतलब ऋषभ के चाचा की उम्र 59 हो चुकी है। राजेश पर लंबे समय से इलाके में दहशत फैलाने का आरोप है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट, गाली-गलौज, धमकी देने के साथ-साथ महिलाओं पर तंज कसने और उनका पीछा करने जैसे अपराधों में शामिल रहा है। इसके डर की वजह से इलाके के लोग पुलिस में शिकायत या गवाही देने से कतराते थे। सआदतगंज थाने में ये मामले दर्ज हैं राजेश पर साल 2020 में एक पीड़िता की शिकायत पर मारपीट और गाली-गलौज का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें 9 दिसंबर 2020 को चार्जशीट दाखिल की गई। 2025 में पड़ोस की दुकान पर हुड़दंग करने और मना करने पर जान से मारने की धमकी देने पर मामला दर्ज हुआ था। मामले में 28 फरवरी 2025 को चार्जशीट भेजी गई। 2025 में महिला का पीछा करने, लज्जा भंग करने के इरादे से तंज कसने और झूठी अफवाहें फैलाने के आरोप में धारा केस दर्ज हुआ, जिसमें 18 नवंबर 2025 को चार्जशीट दाखिल की गई। 22 दिसंबर 2025 को सआदतगंज थाने के हेड कॉन्स्टेबल और उप-निरीक्षक अजय कुमार चौरसिया की जांच में भी आरोपी की ओर से आए दिन मारपीट करने और भय का माहौल बनाने की पुष्टि हुई थी। आरोपी ने पुलिस को दी थी सफाई नोटिस जारी होने के बाद राजेश शुक्ला ने अपने वकील के माध्यम से सफाई पेश करते हुए आरोपों को झूठा और रंजिश से प्रेरित बताया। उसने दावा किया था कि एक मामले में सुलह हो चुकी है और अन्य मामले इलाके में अवैध निर्माण का विरोध करने के कारण दर्ज कराए गए हैं। हालांकि, सआदतगंज थाना प्रभारी की आख्या और अभियोजन पक्ष के तर्कों में यह स्पष्ट किया गया कि आरोपी आदतन अपराध करता है। इससे यह समाज व लोक व्यवस्था के लिए खतरा बना हुआ है। पढ़िए क्या था मामला? सआदतगंज के ब्राह्मण टोला में सोमवार सुबह कार पार्किंग और चबूतरे को लेकर ऋषभ शुक्ला (30) ने 3 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक शिवाजी तिवारी (62) सचिवालय के रिटायर्ड कर्मचारी थे। RSS के जिला सर कार्यवाह भी रहे थे। शिवाजी के भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभु लखनऊ यूनिवर्सिटी में काम करते थे। शिवाजी का बेटा सुयश (30) का बिजली के सामान का कारोबार था। 5 दिसंबर को उसकी शादी होनी थी। आरोपी ऋषभ मर्चेंट नेवी में नेविगेशन अफसर था। ---------------------------------- यह संबंधित खबर भी पढ़िए- लखनऊ में चबूतरा 9-इंच बढ़ाने के विवाद में हुआ ट्रिपल-मर्डर:नगर निगम से लेकर पुलिस ने डेढ़ महीने तक शिकायतों को टरकाया लखनऊ में सोमवार को तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच में हत्या की वजह बरगद के पेड़ के नीचे बने चबूतरे को 9 इंच चौड़ा करने को लेकर हुआ विवाद सामने आया है। करीब डेढ़ महीने पहले नगर निगम ने शिव मंदिर के पास खाली सरकारी जमीन पर ट्यूबवेल लगवाया था। इलाके में सड़क भी बनवाई गई थी। इसके बाद शिवाजी तिवारी ने बरगद के पेड़ के पास चबूतरा बनवाने की मांग की। नगर निगम ने निर्माण शुरू कराया तो ऋषभ शुक्ला का परिवार विरोध करने लगा। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। (पूरी खबर पढ़िए)
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