सड़कें चमकाने की कार्रवाई पर रेहड़ी-पटरी वालों का विरोध:250 लोग गांधी अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे, बोले- रोजगार मत उजाड़ो, पापी पेट का सवाल
अलीगढ़ की सड़कों को चमकाने के लिए फुटपाथ और पटरी खाली कराने की कार्रवाई अब रोजगार के सवाल पर आकर अटक गई है। स्मार्ट सिटी और सीएम ग्रिड के तहत सड़कों के नवीनीकरण, जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के बीच रेहड़ी-पटरी वालों ने शुक्रवार को गांधी जयंती के दिन नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। गांधी अस्पताल के बाहर सुबह से ही करीब 200-250 फुट

अलीगढ़ की सड़कों को चमकाने के लिए फुटपाथ और पटरी खाली कराने की कार्रवाई अब रोजगार के सवाल पर आकर अटक गई है। स्मार्ट सिटी और सीएम ग्रिड के तहत सड़कों के नवीनीकरण, जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के बीच रेहड़ी-पटरी वालों ने शुक्रवार को गांधी जयंती के दिन नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। गांधी अस्पताल के बाहर सुबह से ही करीब 200-250 फुटपाथी और रेहड़ी-पटरी वाले धरने पर बैठ गए। ‘पापी पेट का सवाल है’ का नारा लगाते हुए उन्होंने कहा कि सड़कें सुंदर बनाने के नाम पर उनका रोजगार उजाड़ा जा रहा है। जब तक उनके लिए उनकी मांग के मुताबिक ठोस और व्यवहारिक व्यवस्था नहीं होगी, धरना जारी रहेगा।
अलीगढ़ फुटपाथ एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह सुमन की अगुवाई में शुरू हुए धरने में शहर के अलग-अलग हिस्सों से फुटपाथी और रेहड़ी-पटरी वाले पहुंचे। इनका कहना है कि शहर में सड़कें चौड़ी और साफ करने के साथ लगातार पटरी खाली कराई जा रही है। कार्रवाई के दौरान रेहड़ी, फड़ और अस्थायी दुकानों को हटाया जा रहा है। इससे उन लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, जो वर्षों से इन्हीं स्थानों पर कारोबार कर परिवार पाल रहे हैं। वेंडिंग जोन बने, लेकिन ‘जहां ग्राहक वहीं दुकान’ की जिद
नगर निगम का तर्क है कि फुटपाथियों को व्यवस्थित करने के लिए अलग-अलग इलाकों में वेंडिंग जोन बनाए जा रहे हैं। फुटपाथियों की आपत्ति यहीं से शुरू होती है। उनका कहना है कि जिस जगह वर्षों से उनकी दुकान लगी है, वहां उनका ग्राहक वर्ग तैयार है। ऐसे में अचानक दूसरी जगह भेजे जाने पर कारोबार चलना मुश्किल होगा। फुटपाथियों का कहना है कि वे वेंडिंग जोन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन वेंडिंग जोन ऐसी जगह बनाए जाएं, जहां उनका मौजूदा रोजगार बचा रहे। दूसरी जगह भेजकर केवल जगह उपलब्ध करा देना उनके लिए पर्याप्त नहीं है। रामघाट रोड पर भी विवाद
रामघाट रोड समेत शहर के कई मार्गों पर पटरी खाली कराने की कार्रवाई को लेकर फुटपाथियों में नाराजगी है। फुटपाथियों के मुताबिक रामघाट रोड पर दो स्थानों पर वेंडिंग जोन बनाए गए हैं, जबकि बाकी हिस्सों में हटाए गए दुकानदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर सवाल हैं। उनका कहना है कि जिन स्थानों से उन्हें हटाया जा रहा है, वहां के आसपास ही व्यवस्थित वेंडिंग जोन दिए जाएं, ताकि रोजगार पूरी तरह खत्म न हो। इसी तरह शहर के दूसरे प्रमुख मार्गों पर भी सड़क सौंदर्यीकरण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच फुटपाथियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा होने का दावा किया जा रहा है। ‘सड़क भी रहे, पेट भी चले’
धरने पर बैठे फुटपाथियों का कहना है कि वे शहर को सुंदर बनाने की योजना के विरोधी नहीं हैं। उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि ‘सड़क भी रहे और उनका पेट भी चले।’ उनका कहना है कि यदि नगर निगम उन्हें बेहतर और व्यवहारिक स्थान उपलब्ध कराता है तो वे व्यवस्था के साथ जाने को तैयार हैं, लेकिन बिना वैकल्पिक रोजगार के सीधे हटाया जाना स्वीकार नहीं होगा। धरने को करणी सेना नेता सचिन राघव और अर्जुन उपाध्याय ने भी समर्थन दिया। उन्होंने फुटपाथियों की मांगों को सुने जाने की बात कही। फुटपाथियों ने ऐलान किया कि जब तक नगर निगम की ओर से उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन और रोजगार की बेहतर व्यवस्था नहीं की जाती, धरना जारी रहेगा। उधर, धरने की सूचना मिलते ही पुलिस और एलआईयू सक्रिय हो गई। मौके की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। नगर निगम की ओर से फिलहाल धरने को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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