3 अक्टूबर 2026, 4:37 PM
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सपा में शामिल हुए डा. संजयन:अखिलेश यादव ने औपचारिक घोषणा की, MLC के प्रत्याशी होंगे; कमलेश का टिकट कटा

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दल पर्चा दाखिल करने वाले डा. संजयन त्रिपाठी शनिवार को सपा में शामिल हो गए। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय पर उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। डा. संजयन ही अब इस सीट से सपा के अधिकृत उम्मीदवार होंगे। वहीं पहले सपा के प्रत्याशी कमलेश यादव का टिक

सपा में शामिल हुए डा. संजयन:अखिलेश यादव ने औपचारिक घोषणा की, MLC के प्रत्याशी होंगे; कमलेश का टिकट कटा
स्रोत: dainik bhasker category
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उत्तर प्रदेश विधान परिषद की गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दल पर्चा दाखिल करने वाले डा. संजयन त्रिपाठी शनिवार को सपा में शामिल हो गए। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय पर उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। डा. संजयन ही अब इस सीट से सपा के अधिकृत उम्मीदवार होंगे। वहीं पहले सपा के प्रत्याशी कमलेश यादव का टिकट कट गया है। इस दौरान पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी भी रहे। टिकट मिलने के बाद अब संजयन एक बार फिर पर्चा दाखिल करेंगे। तीन तस्वीरें से सियासी समीकरण समझिए भाजपा से टिकट नहीं मिला तो कार से हटाया झंडा डा. संजयन त्रिपाठी पिछले कुछ वर्षों से भाजपा में सक्रिय थे। वह पूरी तरह आश्वस्त थे कि उन्हें भी भाजपा अपना टिकट देगी। लेकिन टिकट वर्तमान एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी को मिला। जिसके बाद निराशन संजयन ने निर्दल चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। उन्होंने गुरुवार को ही पर्चा भी दाखिल कर दिया। पर्चा दाखिल कर बाहर आने के बाद उन्होंने अपनी गाड़ी से भाजपा का झंडा उतार दिया। इसी के बाद से वह सपा के संपर्क में आए और शुक्रवार की सुबह तक उनके सपा ज्वाइन करने की बात पक्की हो गई। पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी उन्हें साथ लेकर लखनऊ पहुंचे। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात भी हुई। सपा प्रमुख ने पूर्व में घोषित प्रत्याशी कमलेश यादव को भी लखनऊ बुला लिया। उन्हें पहुंचने में देर हुई इसलिए शुक्रवार को पार्टी ज्वाइन करने की घोषणा नहीं हो सकी। शनिवार को औपचारिक ऐलान हो गया। मठलार डिग्री कॉलेज में हिन्दी विभाग के एचओडी डा. संजयन त्रिपाठी विधानसभा या विधान परिषद की सदस्यता के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं। देवरिया जिले के मठलार डिग्री कॉलेज में वह हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष भी हैं। उनके करीबी रिश्तेदार भी स्कूलों की श्रृंखला का संचालन करते हैं। खुद शिक्षक होने और शैक्षणिक संस्थाओं का संचालक होने के नाते उन्हें मजबूत प्रत्याशी के तौर पर देखा जा रहा है। एडेड विद्यालयों की तुलना में निजी विद्यालयों के शिक्षकों की संख्या अधिक है। ऐसे में डा. संजयन ने निर्दल ही ताल ठोंक दी थी। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव से पहले आए थे भाजपा में डा. संजयन त्रिपाठी ने 2022 में भाजपा की सदस्यता ली थी। 2023 में गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव होने थे। वह टिकट के दावेदार थे लेकिन अंत समय में टिकट देवेंद्र प्रताप सिंह को मिला। टिकट की घोषणा होने के बाद डा. त्रिपाठी ने भाजपा प्रत्याशी को समर्थन देने का ऐलान किया। इससे पहले वह दो बार यह चुनाव लड़ चुके थे और दोनों ही बार इसी प्रत्याशी के सामने रनर रहे थे। 2010 में पहली बार डा. त्रिपाठी यह चुनाव लड़े थे। उस समय देवेंद्र प्रताप सिंह सपा के कैंडिडेट थे। उन्होंने दूसरी बाद जीत हासल की थी। डा. संजयन त्रिपाठी दूसे स्थान पर रहे। अगले चुनाव में यानी 2016 में वह फिर निर्दल प्रत्याशी के तौर पर मैदान में आए और इस बार भी वह दूसरे स्थान पर रहे। इस चुनाव में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) ने उनका समर्थन किया था। इस बार टिकट नहीं मिला तो हो गए निराश डा. संजयन को आश्वासन था कि उन्हें शिक्षक एमएलसी के लिए टिकट दिया जाएगा। लेकिन इस क्षेत्र से तीन बार शर्मा गुट से एमएलसी रहे ध्रुव त्रिपाठी को टिकट मिल गया। शर्मा गुट आमतौर पर किसी पार्टी के बैनर तले चुनाव नहीं लड़ता था लेकिन निजी विद्यालयों के वोटरों की संख्या अधिक होने के बाद शर्मा गुट से तीन बार एमएलसी रहे ध्रुव त्रिपाठी ने राजनीतिक दल का हाथ थाम लिया। उधर, टिकट न मिलने से डा. संजयन त्रिपाठी निराश हो गए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का बहुत कष्ट है। इसके बाद उन्होंने पूरी ताकत से नामांकन किया है। अब सार्वजनिक रूप से भाजपा का झंडा भी अपनी गाड़ी से उतार दिया। फेसबुक पेज के बायो से भी भाजपा का नाम और तस्वीरें हट चुकी हैं। जानिए कब-कब चुनाव लड़े डा. संजयन त्रिपाठी
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