सुप्रीम कोर्ट में अवैध निर्माण सूची के बाद MDA-सचिव हटाए:अभी नए सचिव की तैनाती नहीं
सुप्रीम कोर्ट में मेरठ के अवैध निर्माणों की सूची और उल्देपुर की अवैध कॉलोनी के मामले में शासन ने मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) के सचिव अर्पित गुप्ता को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। अभी उनकी जगह नए सचिव की तैनाती नहीं की गई है। सचिव को हटाए जाने के बाद MDA में हड़कंप मचा हुआ है। बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट में MDA की ओर से मेरठ के

सुप्रीम कोर्ट में मेरठ के अवैध निर्माणों की सूची और उल्देपुर की अवैध कॉलोनी के मामले में शासन ने मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) के सचिव अर्पित गुप्ता को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। अभी उनकी जगह नए सचिव की तैनाती नहीं की गई है। सचिव को हटाए जाने के बाद MDA में हड़कंप मचा हुआ है। बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट में MDA की ओर से मेरठ के अवैध निर्माणों की सूची दाखिल की जानी थी। सूची दाखिल न होने और उल्देपुर की अवैध कॉलोनी के मामले में शासन का पक्ष ठीक से नहीं रख पाने को कार्रवाई की वजह बताया जा रहा है। इस मामले में सचिव अर्पित गुप्ता की भूमिका को लेकर शासन स्तर पर नाराजगी सामने आई थी। अवैध निर्माणों को लेकर जब अर्पित गुप्ता से सवाल किया गया तो उन्होंने अपनी पोस्टिंग को करीब दो महीने पुरानी बताते हुए कहा था कि उनके पास इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है। बताया जा रहा है कि उनके इस जवाब की जानकारी शासन स्तर तक पहुंची। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मामले में नाराजगी जताई थी। इसके बाद शासन की ओर से अर्पित गुप्ता को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश जारी किया गया। अर्पित गुप्ता मेरठ में MDA सचिव बनने से पहले अमेठी में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के पद पर तैनात थे। अब उन्हें प्रतीक्षारत कर दिया गया है। नए सचिव की तैनाती होने तक प्राधिकरण के कामकाज को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। उधर, MDA उपाध्यक्ष संजय कुमार मीणा के मेडिकल लीव पर जाने की भी जानकारी सामने आई है। सचिव के अचानक हटाए जाने और नए सचिव की तैनाती नहीं होने से बुधवार को प्राधिकरण में प्रशासनिक गतिविधियों को लेकर हलचल बनी रही।
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यह खबर Dainik Bhaskar Uttar Pradesh से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
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