3 अक्टूबर 2026, 11:56 AM
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संभल में मंदिर-मस्जिद के बयान पर सियासत गरमाई:रामलीला मंच से सुहैल इकबाल बोले- धार्मिक मंच से सद्भाव और भाईचारे का संदेश जाना चाहिए

संभल में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मंदिर-मस्जिद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती नजर आ रही है। 23 सितंबर को हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के रहटौल गांव में भाजपा के पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल के बयान के बाद सियासी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में राजेश सिंघल को यह कहते सुना गया कि संभल में अब

संभल में मंदिर-मस्जिद के बयान पर सियासत गरमाई:रामलीला मंच से सुहैल इकबाल बोले- धार्मिक मंच से सद्भाव और भाईचारे का संदेश जाना चाहिए
स्रोत: dainik bhasker category
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संभल में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मंदिर-मस्जिद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती नजर आ रही है। 23 सितंबर को हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के रहटौल गांव में भाजपा के पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल के बयान के बाद सियासी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में राजेश सिंघल को यह कहते सुना गया कि संभल में अब मस्जिद नहीं, मंदिर बनेंगे। उन्होंने हरिहर मंदिर का भी जिक्र किया और कहा कि मंदिर के लिए मस्जिद गिराने की स्थिति आने पर गोली नहीं चलेगी, बल्कि योगी सरकार पुष्पवर्षा करेगी। हरिहर मंदिर और धार्मिक स्थलों का किया जिक्र रहटौल गांव में रामलीला कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान में राजेश सिंघल ने संभल में हरिहर मंदिर के निर्माण की बात कही। उन्होंने 24 कोसीय परिक्रमा, 68 तीर्थ और 19 कूप विकसित किए जाने का भी उल्लेख किया। उनके बयान के बाद संभल में मंदिर-मस्जिद के मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई। सांसद के पिता ने किया पलटवार राजेश सिंघल के बयान पर सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि यदि इस तरह की कोई कार्रवाई हुई तो वह राजेश सिंघल को उनकी "औकात" दिखा देंगे। इस बयान के बाद दोनों पक्षों की बयानबाजी को लेकर राजनीतिक माहौल और गरमा गया। रामलीला मंच से सुहैल इकबाल ने जताई नाराजगी शुक्रवार देर रात रामलीला कार्यक्रम के मंच से सपा विधायक इकबाल महमूद के पुत्र और सपा युवा नेता सुहैल इकबाल ने राजेश सिंघल के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने मंच से नफरत फैलाने का प्रयास किया, उन्होंने धार्मिक मंच को अपवित्र करने की कोशिश की। सुहैल इकबाल ने कहा कि रामलीला का मंच धार्मिक और सांस्कृतिक संदेश देने का स्थान है। यहां से सद्भाव, भाईचारे और मोहब्बत की बात होनी चाहिए। उनके मुताबिक, गांव के लोग राजेश सिंघल के बयान से नाराज हैं और उन्हें इस बात का अफसोस है कि रामलीला जैसे धार्मिक मंच से राजनीति और विवादित बयानबाजी की गई। उन्होंने कहा कि रामलीला के मंच से प्रभु राम का संदेश जाना चाहिए और धार्मिक आयोजन को राजनीतिक बयानबाजी का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। धार्मिक मंचों पर राजनीतिक बयानबाजी को लेकर चर्चा राजेश सिंघल के बयान और उसके बाद सपा नेताओं की प्रतिक्रियाओं से संभल में मंदिर-मस्जिद के मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हालिया रिपोर्टों में भी रामलीला मंच से दिए गए बयानों को लेकर सपा नेताओं की ओर से धार्मिक मंच के राजनीतिक इस्तेमाल पर आपत्ति दर्ज कराने की बात सामने आई है। संभल में शाही जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर से जुड़ा विवाद पहले से न्यायिक प्रक्रिया में है। सितंबर में सुप्रीम कोर्ट में इस मामले से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई भी हुई है।
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