3 अक्टूबर 2026, 6:57 PM
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हल्के में ले लिया, इजरायली आर्मी की चूक! हमास की वॉर्निंग नजअंदाज करने पर मची थी तबाही

इजराइल के पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने एक बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि 7 अक्टूबर 2023 को हुए भीषण हमले से कुछ हफ्ते पहले ही इजराइली खुफिया एजेंसी को हमास की तरफ से एक चेतावनी संदेश मिल चुका था. एक इंटरव्यू में उन्होंने इसका खुलासा किया है. गैलेंट ने इजरा

हल्के में ले लिया, इजरायली आर्मी की चूक! हमास की वॉर्निंग नजअंदाज करने पर मची थी तबाही
स्रोत: abp news world
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इजराइल के पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने एक बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि 7 अक्टूबर 2023 को हुए भीषण हमले से कुछ हफ्ते पहले ही इजराइली खुफिया एजेंसी को हमास की तरफ से एक चेतावनी संदेश मिल चुका था. एक इंटरव्यू में उन्होंने इसका खुलासा किया है.
 
गैलेंट ने इजराइली 'आर्मी रेडियो' को दिए इंटरव्यू में बताया कि इजराइल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी 'शिन बेट' (Shin Bet) के जरिए एक संदेश मिला था. इस संदेश में हमास नेता याह्या सिनवार ने कहा था कि वो जेलों को हिलाकर रख देगा".   

चेतावनी को गलत समझा
इजराइली खुफिया एजेंसियों ने इस चेतावनी का गलत मतलब निकाला. उनका मानना था कि यह संदेश इराक में अगवा की गई इजराइली शोधकर्ता एलिजाबेथ त्सुरकोव से जुड़ा है, न कि किसी बड़े हमले की तैयारी से. इसके साथ ही उन्होंने पीएम नेतन्याहू पर कई आरोप लगाए हैं. गैलेंट ने आरोप लगाया कि पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने युद्ध के दौरान अमेरिकी अधिकारियों के साथ हुई बेहद संवेदनशील बातचीत से उन्हें दूर रखा.  जब अमेरिकी अधिकारियों ने गैलेंट को फोन करके नेतन्याहू की बातों की पुष्टि करनी चाही, तब जाकर उन्हें इन बैठकों का पता चला.

गैलेंट के अनुसार, अमरीकी अधिकारियों का नेतन्याहू पर भरोसा बहुत कम था. जब गैलेंट से पूछा गया कि क्या नेतन्याहू को हमले से पहले अन्य देशों के नेताओं (जैसे मिस्र या यूएई) से चेतावनियां मिली थीं, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में मीडिया रिपोर्ट्स से ही पता चला. उन्होंने कहा कि अगर पीएम को ऐसी कोई चेतावनी मिली थी और उन्होंने उसे खुफिया एजेंसियों के साथ साझा नहीं किया, तो यह सुरक्षा व्यवस्था की बहुत बड़ी नाकामी है. मिस्र के खुफिया प्रमुख के हमले से ठीक पहले इजराइल आने की खबरों पर गैलेंट ने कहा कि उनकी जानकारी में ऐसी कोई बैठक नहीं हुई थी.   

दे दिया था इस्तीफा
योआव गैलेंट 2022 से नवंबर 2024 तक इजराइल के रक्षा मंत्री रहे.  नवंबर 2024 में प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भरोसे की कमी का हवाला देकर उन्हें पद से हटा दिया था. दोनों के बीच गाजा युद्ध चलाने के तरीके को लेकर गहरे मतभेद थे. गैलेंट बंधकों की रिहाई के लिए समझौता चाहते थे, जबकि नेतन्याहू सैन्य दबाव बनाए रखने के पक्ष में थे. गैलेंट ने जनवरी 2025 में संसद से भी इस्तीफा दे दिया था.

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यह खबर abp news world से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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