2 अक्टूबर 2026, 4:29 PM
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बैंक जॉब से आजादी, महिला ने 2 लाख का बांड भरकर छोड़ी 12 घंटे वाली नौकरी

सरकारी बैंक की नौकरी को आमतौर पर सुरक्षित करियर और अच्छी सैलरी से जोड़कर देखा जाता है. अगर आप भी अच्छी सैलरी वाली नौकरी को ही सफलता का पैमाना मानते हैं, तो यह खबर आपको हैरान कर देगी. पश्चिम बंगाल की 31 साल की मधुरिमा के यही नौकरी मानसिक तनाव की वजह बन गई. उन्होंने सरकारी बैंक की नौकरी हासिल करने के लिए

बैंक जॉब से आजादी, महिला ने 2 लाख का बांड भरकर छोड़ी 12 घंटे वाली नौकरी
स्रोत: abp news world
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सरकारी बैंक की नौकरी को आमतौर पर सुरक्षित करियर और अच्छी सैलरी से जोड़कर देखा जाता है. अगर आप भी अच्छी सैलरी वाली नौकरी को ही सफलता का पैमाना मानते हैं, तो यह खबर आपको हैरान कर देगी. पश्चिम बंगाल की 31 साल की मधुरिमा के यही नौकरी मानसिक तनाव की वजह बन गई. उन्होंने सरकारी बैंक की नौकरी हासिल करने के लिए करीब दो साल तक तैयारी की थी.

हालांकि, नौकरी मिलने के साथ उन्हें करीब 70,000 रुपये की सैलरी और मकान किराया भत्ता भी मिलता था. लेकिन बाद में लंबे काम के घंटे, छुट्टी की परेशानी और काम का दबाव इतना बढ़ गया कि आखिरकार उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया. लेकिन नौकरी छोड़ने के लिए उन्हें 2 लाख रुपये का बॉन्ड भी भरना पड़ा और नई नौकरी में उनकी सैलरी करीब आधी रह गई.

क्या है पूरा मामला?

मधुरिमा के मुताबिक, बैंक में काम के दौरान उन्हें रोजाना करीब 12 घंटे से ज्यादा समय देना पड़ता था. कई बार सुबह 8:30 बजे शुरू हुआ काम रात 10:30 बजे तक चलता था. सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि उन्हें रविवार को भी बैंक जाना पड़ता था. साथ ही कैश काउंटर की जिम्मेदारी के दौरान लंबे समय तक ब्रेक नहीं मिलता था, जिसके कारण उन्हें यूरिन इंफेक्शन की परेशानी भी हुई थी.

उनका दावा है कि इसके बावजूद उन्हें बीमारी की छुट्टी लेने में परेशानी हुई और उन्हें काम पर जाना पड़ता था. जिसके कारण इस माहौल का उनकी सेहत और निजी जिंदगी पर भी बुरा काफी असर पड़ा.

बैंक के काम के बाद भी करना पड़ता था फील्ड वर्क

मधुरिमा ने बताया कि कैश काउंटर का काम खत्म होने के बाद भी उन्हें एक्स्ट्रा काम दी जाती थीं. शाम के समय उन्हें गांव में जाकर नए ग्राहक जोड़ने और बीमा पॉलिसी बेचने जैसे टारगेट भी पूरे करने पड़ते थे. उनका कहना था कि शाम के बाद अकेले गांव में जाकर लोगों से संपर्क करना उनके लिए मुश्किल और असुरक्षित था.

मधुरिमा के मुताबिक, लगातार काम और दबाव का असर उनकी निजी जिंदगी पर भी पड़ा. उनका कहना था कि वह काम से लौटने के बाद अक्सर रोती थीं और इतनी थक जाती थीं कि परिवार से ठीक से बात भी नहीं कर पाती थीं.

छुट्टी की एक घटना बनी इस्तीफा की वजह 

फरवरी 2024 के एक घटना के बाद मधुरिमा ने नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया. उन्होंने एक दोस्त की शादी में शामिल होने के लिए करीब तीन महीने पहले छुट्टी के लिए आवेदन किया था, लेकिन छुट्टी से कुछ दिन पहले उन्हें बताया गया कि ऑडिट चल रहा है और वह छुट्टी नहीं ले सकतीं. इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया और मार्च 2024 में इस्तीफा दे दिया. 

नई नौकरी में आधी रह गई सैलरी

बैंक की नौकरी छोड़ने के बाद मधुरिमा ने नई नौकरी की तलाश शुरू की. उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्होंने LinkedIn पर भर्ती करने वालों से संपर्क किया और अलग-अलग कंपनियों में आवेदन किया. हालांकि, नई नौकरी तलाशने में उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी थी. 

काफी मेहनत के बाद आखिरकार उन्हें बेंगलुरु की एक स्टार्टअप कंपनी में नौकरी मिली, लेकिन इसके लिए उन्हें सैलरी में बड़ी कटौती स्वीकार करनी पड़ी. बैंक में करीब 70,000 रुपये पाने वाली मधुरिमा ने 35,000 रुपये की सैलरी पर नई नौकरी शुरू की. इसके अलावा बैंक की नौकरी छोड़ने के लिए उन्हें 2 लाख रुपये का बॉन्ड भी भरना पड़ा.

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यह खबर abp news world से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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